प्रिय महिलाओं,

क्या आप जानती हैं की शहरी जीवनशैली और आदतें स्तन कैंसर के लिए प्रमुख जोख़िम कारक हैं ? कैंसर रजिस्ट्रियों की जानकारी ने संकेत दिया है की समय के साथ शहरी भारतीय महिलाओं को अपने ग्रामीण समकक्षों की तुलना में स्तनों के कैंसर का अधिक खतरा है। इस लेख में हम स्तनों के कैंसर के १४ मुख्य कारणों के बारे में जानेंगे |

स्तन कैंसर के गैर-परिवर्तनीय जोखिम कारक

ये ऐसे कारक हैं जिन्हे आप प्रभावित या बदल नहीं पाएंगे। इसलिए इनके बारे में जानकारी होना अधिक आवश्यक है। जिससे आप सतर्क रहें और समय पे डाक्टरी सलाह ले सकें।

  1. उम्र : बढ़ती उम्र के साथ जोखिम भी बढ़ता है। स्तन कैंसर सबसे अधिक उम्र की महिलाओं में पाया जाता है , 50 वर्ष से अधिक।
  2. जेनेटिक म्युटेशन : उत्परिवर्तित जीन (Mutated Gene) , जैसे की बी आर सी ए १ (BRCA1) और बी आर सी ए २ (BRCA2) विरासत में मिल सकते हैं। इन उत्परिवर्तनों (Mutations) के होने से ब्रैस्ट कैंसर के विकास का बहुत महत्वपूर्ण जोखिम होता है।
  3. फैमिली हिस्टरी: मां, बेटी, बहन, (फर्स्ट -डिग्री रिलेटिव) या अन्य रिश्तेदार (फैमिली मेंबर्स) (मां की तरफ से (मौसी) या पिता की तरफ से (बुआ)) जिन्हें ब्रैस्ट कैंसर हुआ है या पहले हुआ था। अगर आपके परिवार में स्तनों के कैंसर के cases हैं तो आपको स्वयं को स्तन का कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है |
  4. हाई हॉर्मोन (high hormone) का एक्सपोज़र : एस्ट्रोजन (estrogen) या प्रोजेस्ट्रोन (progestrone) का अधिक एक्सपोज़र होने से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शुरुआती मासिक धर्म (periods) या देर से रजोनिवृति (menopause) वाली महिलाओं में जोखिम अधिक होता है।
  5. डेन्स ब्रैस्ट (Dense Breast): घने स्तनों वाली महिलाओं में स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।
  6. प्रीवियस हिस्ट्री : जिन महिलाओं को एक बार स्तन कैंसर हो गया था, उन्हें फिर कैंसर होने की अधिक संभावना है।
  7. रेडिएशन एक्सपोज़र (Radiation Exposure): किसी अन्य कैंसर (Hodgkins lymphoma) के उपचार के लिए छाती क्षेत्र में विकिरण प्रक्रिया (रेडियोथेरेपी) से गुजरने वाली महिलाओ में स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता है।

स्तन कैंसर के परिवर्तनीय जोखिम कारक

ये जोखिम कारक हैं जो हमारे हाथ में हैं। हम अपनी जीवन शैली , व्यवहार को बदल सकते हैं और इसलिए स्तन कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं ।

  1. मोटापा : अधिक वजन या मोटापा होने के कारन न केवल स्तन कैंसर बल्कि 13 अन्य प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  2. कम शारीरिक गतिविधि: घर के चारों ओर घूमना या पार्क में आकस्मिक चलना पर्याप्त गतिविधि नहीं है। नियमित रुप से महत्वपूर्व व्यायाम, तेज चलना या खेल गतिविधि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए और कैंसर जैसी बीमारी की आशंका को काम करने के लिया आवश्यक है।
  3. शराब (अलकोहल) और धूम्रपान :अधिक शराब का मतलब अधिक जोखिम है। धूम्रपान से कार्सिनोजेन का जोखिम होता है और इसलिए कैंसर का उच्च खतरा होता है।
  4. उम्र: अगर पहले बच्चे के जन्म के समय महिला की आयु ३० वर्ष से अधिक है तो जीवन में बाद में स्तनों के कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है |
  5. गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) और स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) : अपने बच्चे को उपयुक्त स्तनपान न कराना या फिर गर्भावस्था का पूर्ण कार्यकाल न होना स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
  6. बर्थ कंट्रोल पिल्स (birth control pills): जन्म नियंत्रण की गोलियों के दीर्घकालिक उपयोग से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  7. हॉर्मोन थेरेपी (hormone therapy): रजोनिवृत्ति (menopause) के लक्षणों से राहत पाने के लिए हॉर्मोन थेरेपी या हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (hormone replacement therapy) का उपयोग किया जाता है। लम्बे समय तक उपयोग से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

ज़रूरी नहीं की इन जोखिम वाले लक्षण पाए जाने वाले हर स्त्री को स्तन कैंसर हो जाये। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की शरीर रचना अलग है और प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है । स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जागरूक होना और सक्रिय कदम उठाना महत्वपूर्ण है।

आप अपनी जीवनशैली में सही बदलाव लाकर कैंसर को स्वयं से दूर रख सकते हैं | आप इन कारणों के बारे में आपकी डॉक्टर से सलाह – मशवरा ज़रूर करें |
अगर आप चाहें तो आप अन्वय की स्तन कैंसर सर्जन एवं विशेषज्ञा , श्री जयंती तुमसी से भी बात कर सकते है. उनकी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के लिए इस लिंक पर जाएँ .

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अधिक जानकारी के लिया आप हमारी हेल्पलाइन नंबर +91 9880048094 पर WhatsApp कर सकते हैं।

स्तन कैंसर के लिए 14 जोखिम कारक
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